Bihar Board 10th Sanskrit 19 February Viral Subjective 2026: 19 फ़रवरी 10वीं संस्कृत वायरल सब्जेक्टिव क्वेश्चन 2026

Bihar Board 10th Sanskrit 19 February Viral Subjective 2026: 19 फ़रवरी 10वीं संस्कृत वायरल सब्जेक्टिव क्वेश्चन 2026 यहां से देखें जो Exam में आएगा।

आज कि इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको बताने वाले हैं कि किस तरीके से बिहार बोर्ड 10वीं संस्कृत का वायरल प्रश्नपत्र एवं आंसर कैसे डाउनलोड कर सकते हैं। तो यह पोस्ट आपके लिए काफी महत्वपूर्ण होने वाला है। अतः इस पोस्ट को ध्यान पूर्वक पढ़ते हुए आगे बढ़ें।

Bihar Board 10th Sanskrit 19 February Viral Subjective 2026: 19 फ़रवरी 10वीं संस्कृत वायरल सब्जेक्टिव क्वेश्चन 2026

अगर आप इन सभी प्रश्न को पढ़ के परीक्षा में जाते है तो आप अपने परीक्षा मे बेहतर कर सकते है तो इसके लिए आप हमारे साथ इस लेख में अंतिम तक आवश्य बने रहे.

1. प्राचीन संस्कृत ग्रंथों में वर्णित पटना के विभिन्न नामों का उल्लेख करें?

उत्तर- प्राचीन संस्कृत ग्रंथों में पटना के प्रमुख नाम निम्नलिखित हैं:

  1. पाटलिपुत्र
  2. कुसुमपुर
  3. अजनाभ

ये नाम पटना के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को दर्शाते हैं।

2. विद्वान परमात्मा के पास क्या छोड़कर जाते हैं ?

उत्तर- विद्वान नाम और रूप से मुक्त होकर परात्पर परमात्मा के पास जाते हैं

3. राजशेखर ने पटना को किस रूप में स्मरण किया है?

उत्तर- राजशेखर ने पटना को “पाटलिपुत्र” के रूप में स्मरण किया है। उन्होंने इसे एक महत्वपूर्ण और समृद्ध नगर के रूप में प्रस्तुत किया है, जो संस्कृत साहित्य और संस्कृति का महत्वपूर्ण केंद्र था।

4. अलसशाला में आग क्यों लगाई गई?

उत्तर- आलसियों की परीक्षा लेने के लिए आलसशाला में आग लगायी गई ।

5. विजयांका की विशेषताओं का वर्णन करें ?

उत्तर- दण्डी ने विजयांका को सर्वशुक्ला सरस्वती कहा है। लौकिक संस्कृत साहित्य में विजयांका की भूमिका सराहनीय है। उनके पदों की सौष्ठवता देखने में बनती है। विजयांका श्याम वर्ण की थी किन्तु उसकी कृतियां ज्योतिर्मय थी। नीलकमल की पंखुड़ियों की तरह वह अपनी रचना में अद्भुत लेखन कला की आभा विखेरती है।

6. ‘भारतमहिमा’ पाठ के आधार पर भारत का वर्णन संक्षेप में करें।

उत्तर- भारत विश्व प्रसिद्ध देश है। यहाँ की भूमि सदैव पवित्र और ममतामयी है । यहाँ विभिन्न जातियों और धर्मों के लोग एकता भाव को धारण करते हुए निवास करते हैं। यहाँ की धरती सोना उपजाती है। देवगण भी यहाँ जन्म लेने के लिए तरसते हैं। इसकी प्राकृतिक सुषुमा अनुपम है।

7. शिक्षा संस्कार में कौन-कौन से संस्कार होते हैं?

उत्तर- शिक्षा संस्कार में प्रमुख रूप से निम्नलिखित संस्कार होते हैं:

  1. विद्याभिषेक – यह संस्कार किसी व्यक्ति के लिए पहली बार शिक्षा प्राप्त करने की शुरुआत का प्रतीक होता है। इसे “अक्षराभ्यास” भी कहा जाता है।
  2. स्मरण संस्कार – यह संस्कार अध्ययन के दौरान किसी विशेष विषय या शास्त्र को अच्छे से याद करने के लिए किया जाता है।
  3. तत्वज्ञान संस्कार – इस संस्कार का उद्देश्य गहरे ज्ञान और समझ को प्राप्त करना होता है, जिससे व्यक्ति सत्य को जान सके।

ये संस्कार व्यक्ति के मानसिक, बौद्धिक और नैतिक विकास में मदद करते हैं।

8. मूर्ख किसे कहा गया है ?

उत्तर- मूर्ख वह व्यक्ति कहा गया है जो ज्ञान और विवेक की कमी रखता है, या जो सही-गलत में भेद नहीं कर सकता। संस्कृत ग्रंथों और शास्त्रों में मूर्खता का तात्पर्य उस व्यक्ति से है जो अविचारपूर्ण कार्य करता है, समझदारी से काम नहीं लेता और जो अपार ज्ञान के बावजूद उसे उचित रूप से उपयोग नहीं कर पाता।

मूर्ख व्यक्ति वे होते हैं जो आत्मज्ञान, शिक्षा या अनुभव से दूर रहते हैं और सही मार्ग पर चलने में असमर्थ होते हैं।

9. आयुर्वेद के प्रमुख ग्रन्थ कौन-कौन हैं ?

उत्तर- आयुर्वेद के प्रमुख ग्रन्थ हैं. चरक संहिता और सुश्रुत संहिता ।

10. विश्वशान्ति के सूर्योदय का पता कैसे चलता है ?

उत्तर- आज दूसरे देश की विपत्ति के समय अन्य देश सहायता राशि एवं अन्य चीजें भेजते हैं । इससे विश्व शांति के सूर्योदय का पता चलता है ।

11. हर परिस्थिति में धर्म की रक्षा क्यों करनी चाहिए ?

उत्तर- हर परिस्थितियों में धर्म की रक्षा करनी चाहिए क्योंकि धर्म में ही परम कल्याण कारक है

12. बाघ ने स्वयं को अहिंसक सिद्ध करने के लिए क्या तर्क दिया ?

उत्तर- बाघ स्वयं को अहिंसक सिद्ध करने के लिए अपने पूर्व आचरण-चरित्र की बातें कहता है कि दुष्टता के कारण ही वह वंशहीन हो गया । अब उसके नाखून दाँत तक गल चुके हैं। अब वह पूर्णरूपेण अहिंसक हो गया है ।

13.पर्वत नाचता हुआ क्यों प्रतीत हो रहा है ?

उत्तर- मन्दाकिनी नदी के दोनों तटों पर फूल और पत्ते बिखर रहे हैं, उन वृक्षों से उपलक्षित

हुआ पर्वत नृत्य करता हुआ प्रतीत हो रहा है ।

14. मूल शंकर में वैराग्य भाव कब उत्पन्न हुआ ?

उत्तर- पत्नी की मृत्यु के पश्चात् मूलशंकर में वैराग्य का भाव उत्पन्न हुआ ।

15. राम प्रवेश राम किससे प्रभावित होकर अध्ययन में निरत हो गया ?

उत्तर- राम प्रवेश अपने शिक्षक के शिक्षण शैली से प्रभावित होकर शिक्षा के कार्य को जीवन का श्रेष्ठ लक्ष्य मानते हुए अध्ययन में निरत हो गया ।.

16. इस संसार में कैसे लोग सुलभ और कैसे लोग दुर्लभ हैं?

उत्तर- इस संसार में सदा प्रिय वचन बोलने वाले व्यक्ति सहज सुलभ हैं परन्तु जो अप्रिय होता हुआ भी हितकारी हो ऐसे वचन के वक्ता दुर्लभ हैं ।

17. अलसकथा का संदेश क्या है ?

उत्तर- ‘अलसकथा’ पाठ में लेखक विद्यापति ने अपने विचार को स्पष्ट करते हुए कहा है कि आलसी व्यक्ति बिना परिश्रम किए हुए जीवन व्यतीत करना चाहता है। कारुणिक व्यक्ति के बिना वह अपने को मौत ‘से भी नहीं बचा पाता है । आलस्य शत्रु के समान है I

18. ‘मङ्गलम्’ पाठ का पाँच वाक्यों में वर्णन करें ।

उत्तर- पाठ उपनिषद् से लिया गया है। ‘मङ्गलम्’ पाठ में सर्वशक्तिमान, सर्वव्यापक, सबका आधार, सार्वकालिक, सत्यस्वरूप ईश्वर की वन्दना है। वैदिक साहित्य के अन्तिम अंश उपनिषद में परम पुरुष की महिमा का गान किया गया है। परमात्मा से यह संसार व्याप्त एवं अनुशासित है। परमात्मा ही तपों का परम लक्ष्य है ।..

19. नदियाँ समुद्र में कैसे मिलती हैं ?

उत्तर- नदियाँ अपना नाम और रूप छोड़कर समुद्र में विलीन हो जाती है।

20. ‘पाटलिपुत्र वैभवम्’ पाठ का वर्णन चार से पाँच वाक्यों में करें।

उत्तर- बिहार राज्य की राजधानी पटना का वर्णन भारतीय मनीषियों ने ही नहीं विदेशी यात्री जैसे मेगास्थनीज, फाह्यान आदि ने भी किया है। इस नगर का इतिहास दो हजार वर्ष के आस-पास गिना जाता है। यहाँ के धार्मिक क्षेत्र, उद्योग क्षेत्र और राजनैतिक क्षेत्र विशेष रूप से ध्यानाकर्षक हैं। पाणिनी, पतञ्जली. वररुचि, पिंगल आदि ने भी पाटलिपुत्र को विशेष स्थान के रूप में देखा है। गंगा के तट पर बसा हुआ पाटलिपुत्र एक महानगर है ।

21. प्राचीन काल से ही पाटलिपुत्र कैसे नगर के रूप में प्रसिद्ध है ?

उत्तर- प्राचीन संस्कृत ग्रंथों और पुराणों में पाटलिपुत्र का नाम पुष्पपुर या कुसुमपुर है। इस नगर के समीप पाटल पुष्पों का उत्पादन होता था । संभवतः पाटलिपुत्र शब्द भी पाटल पुष्पों के पल्लवित होने के कारण प्रचलित है । शरत काल में कौमुदी महोत्सव होता था । यह महोत्सव दुर्गापूजा के अवसर पर दृष्टिगत होता था ।

कवि दामोदर गुप्त के अनुसार पाटलिपुत्र (पटना) महानगर पृथ्वी पर बसे नगरों में श्रेष्ठ है। यहाँ सरस्वती के वंशज यानी विद्वान लोग बसते हैं । कवि ने इस महानगर की तुलना इन्द्र की भरी पूरी नगरी से की है।

22. अथर्ववेद में किन पाँच मन्त्रदर्शनवती ऋषिकाओं का उल्लेख है ?

उत्तर- यमी, अपाला, उर्वशी, इन्द्राणी और वागाम्भृणी अथर्ववेद की मन्त्रदर्शनवती ऋषिकाएँ हैं।

23. पण्डिता क्षमाराव की प्रमुख कृतियों के नाम लिखें ।

उत्तर- संस्कृत साहित्य में आधुनिक समय की लेखिकाओं में पण्डित क्षमाराव अति प्रसिद्ध हैं। ‘शंकरचरितम्’ उनकी अनुपम रचना है। गाँधी दर्शन से प्रभावित होकर उन्होंने ‘सत्याग्रहगीता’, ‘मीरालहरी’, ‘कथामुक्तावली’, ‘ग्रामज्योति’ आदि की रचनाएँ की हैं।

24. पठित पाठ के आधार पर भारतवर्ष की प्रमुख विशेषताओं का वर्णन करें । उत्तर- भारत का प्राकृतिक सौन्दर्य स्वर्ग-सा है । यह देवताओं, ऋषियों एवं महापुरुषों की अवतरण भूमि है । इसकी महिमा का वर्णन विष्णुपुराण एवं भागवतपुराण में देखने को मिलता है। भारतभूमि पर अवतरित होनेवाला मनुष्य निश्चय ही धन्य है । हमारी भारत भूमि विशाल, रम्यरूपा और कल्याणप्रद है । अत्यन्त शोभनीय और संसार का गौरव भारत हम सबों के द्वारा सदैव पूजनीय है। यहाँ धर्म, जाति के भेदों को भूलाकर एकता एवं सहिष्णुता का पाठ पढ़ाया जाता है । हम भारतीय सदैव कहते हैं वसुधैव कुटुम्बकम् अर्थात् सम्पूर्ण पृथ्वी ही

25. पाटलिपुत्र की विशेषताओं का वर्णन करें ।

उत्तर- बिहार राज्य की राजधानी पटना का वर्णन भारतीय मनीषियों ने ही नहीं विदेशी यात्री जैसे मेगास्थनीज, फाह्यान आदि ने भी किया है। इस नगर का इतिहास ढाई हजार वर्ष के आस-पास गिना जाता है । यहाँ के धार्मिक क्षेत्र, उद्योग क्षेत्र और राजनैतिक क्षेत्र विशेष रूप से ध्यानाकर्षक हैं। पाणिनी, पतञ्जली, वररुचि, पिंगल आदि ने भी पाटलिपुत्र को विशेष स्थान के रूप में देखा है। गंगा के तट पर बसा हुआ पाटलिपुत्र एक महानगर है

26. पटना के प्रमुख दर्शनीय स्थल कौन-कौन से हैं ?

उत्तर- संग्रहालय, सचिवालय, गोलघर, तारामण्डल, जैविक उद्यान, मौर्यकालिक अवशेष, महावीर मंदिर आदि पटना के प्रमुख दर्शनीय स्थल हैं। सिख सम्प्रदाय के दसवें गुरु गुरुगोविंद सिंह का जन्म-स्थल गुरुद्वारा नाम मृत्यु से प्रसिद्ध है ।

27. विद्वान मृत्यु को कैसे पराजित करते हैं ?

उत्तर- विद्वान अपने नाम रूप को छोड़ यानी आत्मीय पहचान को त्याग कर ईश्वर में मिल जाते हैं और को पराजित करते हैं।

28. पाटलिपुत्र का पुष्पपुर या कुसुमपुर नाम का उल्लेख कहाँ है ?

उत्तर- प्राचीन ग्रन्थों में पटना के नाम पुष्पपुर, कुसुमपुर आदि मिलते हैं।

29. ‘अलसे कथा’ पाठ की विशेषताओं का वर्णन अपने शब्दों में करें।

उत्तर- विद्यापति द्वारा रचित कथाग्रंथ ‘पुरुष परीक्षा’ नामक पुस्तक से लिया गया ‘अलसकथा’ मानव महत्त्व एवं दोषों के निराकरण की शिक्षा देता है। आलसियों को दान देने की इच्छा रखनेवाले वीरेश्वर ने यह जानने की उत्कंठा प्रकट की थी कि आलसी जीवन जीने की कला का कैसे निर्वहन करते हैं। इष्ट लाभ के लिए मेहनती भी आलसी का रूप लेकर पहुँचने लगते हैं। उनकी परीक्षा के लिए दानगृह में अग्नि प्रज्वलित की जाती है। ढोंगी भागने लगे । आलसी भागने के क्रम में गीले कपड़े से ढकने, घर में आग लगी है, यहाँ कोई धार्मिक नहीं है आदि की चर्चा करते हैं। आलसी केवल करुणा के पात्र होते हैं ।

30. मन्त्री वीरेश्वर की विशेषताओं का वर्णन करें ।

उत्तर- मिथिला के मंत्री वीरेश्वर दानशील और दयावान थे। वे गरीबों और अनाथों को प्रतिदिन भोजन देते थे । साथ-साथ वे आलसियों को भी दान-स्वरूप अन्न और वस्त्र देते थे।

31. संस्कृत साहित्य के संवर्धन में विजयनगर राज्य के योगदान का वर्णन करें ।

उत्तर- विजयनगर राज्य के राजाओं ने संस्कृत साहित्य के संरक्षण के लिए जो प्रयास किए थे वे. सर्वविदित हैं । उनके अंतःपुर में भी संस्कृत-रचना में कुशल रानियाँ हुईं। इनमें कम्पणराय की रानी गंगादेवी तथा अच्युतराय की रानी तिरुमलाम्बा प्रसिद्ध हैं । इन दोनों रानियों की रचनाओं में समस्त पदावली और ललित पद-विन्यास के कारण संस्कृत गद्य शोभित होता है ।

32. ‘मधुराविजयम्’ महाकाव्य का वर्ण्य विषय क्या है ?

उत्तर- ‘मधुराविजयम्’ कम्पनराय रानी गंगा देवी की रचना है। रानी गंगा देवी ने इस महाकाव्य की रचना अपने पति के मदुरै विजय की घटना को आधार बना कर की है ।

33. आत्मा का स्वरूप कैसा है ? यह कहाँ रहती है ?
उत्तर- आत्मा का स्वरूप निराकार, अविनाशी और अमर है। यह शरीर में निवास करती है, परंतु यह शरीर से पृथक रहती है और इसका कोई भौतिक रूप नहीं होता। आत्मा का वास्तविक स्वरूप परे होता है और यह शरीर के मृत्यु के बाद भी शाश्वत रहती है।

34. पाटलिग्राम के संबंध में भगवान् बुद्ध ने क्या कहा था ?
उत्तर- भगवान् बुद्ध ने पाटलिग्राम के संबंध में यह कहा था कि यहाँ पर उन्होंने अपने जीवन के महत्वपूर्ण निर्णय लिए थे। पाटलिग्राम में बुद्ध ने अपने अनुयायियों को उपदेश दिए और इस स्थान को उन्होंने धर्म का प्रचारक स्थल माना।

35. अलसशाला’ के कर्मियों ने आलसियों की परीक्षा क्यों ली ?
उत्तर- अलसशाला के कर्मियों ने आलसियों की परीक्षा इसलिए ली, ताकि यह जान सकें कि वे आलसी अपने कार्यों में कितना परिश्रम और समर्पण दिखाते हैं। यह परीक्षा उनके मानसिक स्थिति और कार्य के प्रति लगन को परखने के लिए थी।

36. स्वामी दयानन्द ने अपने सिद्धान्तों के संकलन के लिए क्या किया ?
उत्तर- स्वामी दयानन्द ने अपने सिद्धान्तों के संकलन के लिए ‘सत्यार्थप्रकाश’ नामक ग्रंथ की रचना की। इस ग्रंथ में उन्होंने भारतीय संस्कृति, वेदों, और समाज सुधार के अपने विचारों को विस्तार से प्रस्तुत किया।

37. आधुनिक काल की किन्हीं तीन संस्कृत लेखिकाओं के नाम लिखें।
उत्तर- 1. सरस्वती बाई 2. महादेवी वर्मा 3. कुमारी विमला

38. केशान्त संस्कार का वर्णन करें।
उत्तर- केशान्त संस्कार एक हिंदू संस्कार है, जिसमें बालक के पहले बालों की कटाई की जाती है। यह संस्कार एक सामाजिक एवं धार्मिक अवसर होता है, जिसे आमतौर पर बच्चे के तीसरे वर्ष में संपन्न किया जाता है।

39. रामप्रवेश राम किससे प्रभावित होकर अध्ययन में निरत हो गया ?
उत्तर- रामप्रवेश राम संस्कृत साहित्य में अपनी गहरी रुचि के कारण अध्ययन में निरत हो गया। उसे महान पंडितों और विद्वानों की शिक्षाओं ने प्रेरित किया, और उसने ज्ञान की प्राप्ति के लिए अध्ययन में अपना समर्पण किया।

40. ‘नीतिश्लोका’ पाठ में मूर्ख किसे कहा गया है ?
उत्तर- ‘नीतिश्लोका’ पाठ में मूर्ख उस व्यक्ति को कहा गया है, जो अपने अहंकार में रहकर ज्ञान और बुद्धिमत्ता का अनुसरण नहीं करता। वह व्यक्ति जो अपने कर्तव्यों को ठीक से नहीं समझता और जीवन के वास्तविक उद्देश्यों से अज्ञात रहता है, उसे मूर्ख माना जाता है।

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