Table of Contents
Bihar Board 10th Non Hindi 19 February Viral Subjective 2026: 19 फ़रवरी 10वीं नॉन हिन्दी वायरल सब्जेक्टिव क्वेश्चन 2026 यहां से देखें जो Exam में आएगा।
आज कि इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको बताने वाले हैं कि किस तरीके से बिहार बोर्ड 10वीं नॉन हिन्दी का वायरल प्रश्नपत्र एवं आंसर कैसे डाउनलोड कर सकते हैं। तो यह पोस्ट आपके लिए काफी महत्वपूर्ण होने वाला है। अतः इस पोस्ट को ध्यान पूर्वक पढ़ते हुए आगे बढ़ें।

अगर आप इन सभी प्रश्न को पढ़ के परीक्षा में जाते है तो आप अपने परीक्षा मे बेहतर कर सकते है तो इसके लिए आप हमारे साथ इस लेख में अंतिम तक आवश्य बने रहे.
1. गाँव के किसान सिरचन को क्या समझते थे?
उत्तर – सिरचन एक कुशल कारीगर था। एक समय था कि लोग उसकी कारीगरी के कायल थे, लेकिन गाँव के किसान सिरचन को बेकार ही नहीं ‘वेगार’ समझते हैं। उसे खेती-बारी में मन नहीं लगता है। दूसरे मजदूर खेत पहुँचकर एक-तिहाई काम कर चुके होते हैं तब सिरचन पगडंडी पर तौल-तौलकर पाँव रखता हुआ धीरे-धीरे पहुँचता है।
2. मेले में चिमटा खरीदने से पहले हामिद के मन में कौन से विचार आये? लिखें।
उत्तर – मेले में चिमटा खरीदने से पहले हामिद के मन में एक वयस्क की तरह विचार आने लगते हैं। वह लोहे की दुकान पर रुक जाता है। ‘उसे लगता है, खिलौने से क्या फायदा, व्यर्थ में पैसे खराब होते हैं। यदि चिमटा खरीदेंगे तो दादी की ऊँगलियाँ रोटी सेकने में कभी नहीं जलेंगी।
चिमटा देखते ही वह खुश हो जाएगी और हजारों दुआएँ देगी।
3. सुदामा को कुछ न देकर उनकी पत्नी को सीधे वैभव सम्पन्न करने के पीछे भगवान कृष्ण की क्या मंशा थी?
उत्तर – सुदामा कृष्ण के बालसखा थे। वे दीन-हीन और संकोची स्वभाव के थे। कृष्ण अपना मित्रधर्म निभाते हुए सुदामा को कुछ न देकर उनकी पत्नी को सीधे वैभव सम्पन्न कर देते हैं। इसका औचित्य था कि वे अपने मित्र को संकोच में नहीं डालना चाहते थे, और न अपना बड़प्पन प्रकट करना चाहते थे। ऐसा कर श्रीकृष्ण ने. उदारता और मित्रभाव का परिचय दिया। यह अद्भुत था।
4. झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई किसके साथ पढ़ी और खेली थीं?
उत्तर – बचपन में झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई कानपुर के नाना के साथ पढ़ी और खेली थी। वह बरछी, ढाल, तलवार, कटार आदि हथियारों से खेला करती थी। ये हथियार उनके खिलौने थे।
5. सचिवालय स्थित कार्यालय में पहले दिन कर्पूरी ठाकुर ने कैसा दृष्य देखा तथा उसपर उन्होंने क्या निर्णय लिया?
उत्तर – सचिवालय स्थित कार्यालय में पहले दिन कर्पूरी ठाकुर ने देखा कि लिफ्ट के ऊपर अंग्रेजी में लिखे थे — ‘Only for officer’। वे इसे पढ़कर चौक जाते हैं, इसमें सामंती प्रथा की बू आई। उन्होंने सरकार के वरीय अधिकारियों के प्रतिरोध के बावजूद लिफ्ट का प्रयोग सबके लिए आम कर दिया।
6. ईद के दिन अमीना क्यों उदास थी?
उत्तर – अभागिन अमीना ईद के दिन उदास कमरे में बैठी रो रही थी। आज ईद का दिन है और उसके घर में दाना नहीं। वह इस अंधकार और निराशा के कारण उदास थी।
7. बालगोबिन भगत ने अपने बेटे की मृत्यु पर अपनी भावनाएँ किस तरह व्यक्त की?
उत्तर – बालगोबिन भगत ने अपने बेटे की मृत्यु पर कहा कि यह रोने का नहीं उत्सव का समय है। आत्मा-परमात्मा के पास चली गयी है। विरहिणी अपने प्रेमी से जा मिली है। भगत का विश्वास मृत्यु पर विजय प्राप्त कर चुका था।
8. सिरचन को लोग चटोर क्यों समझते हैं?
उत्तर – सिरचन स्वादिष्ट भोजन और चटपटे व्यंजन का प्रेमी है। उसे काम के बदले बढ़िया भोजन चाहिए। तली-बघारी हुई सब्जी, दही की कढ़ी, मलाईदार दूध, घी की डाढ़ी उसे बहुत प्रिय है। स्वादिष्ट भोजन देखते ही वह काम के लिए दौड़ पड़ता है। इसीलिए लोग सिरचन को चटोर कहते हैं।
9. पद्मा कौन थी? वह क्या चाहती थी?
उत्तर – पद्मा कलिंग के महाराज की कन्या थी। वह कलिंग के हत्यारे अशोक की सेना से लड़ना चाहती थी। पद्मा चाहती थी कि अशोक की सेना उसकी जन्मभूमि को पद-दलित न कर सके। वह अपने देश के लिए मर मिटना चाहती थी।
10. ‘ईर्ष्या की बेटी’ किसे और क्यों कहा जाता है?
उत्तर – ईर्ष्या की बेटी का नाम निंदा है। जो व्यक्ति ईर्ष्यालु होता है, वही व्यक्ति बुरे किस्म का निंदक भी होता है। उसे दूसरे की निंदा में मजा आता है और दूसरे की निंदा के द्वारा अपना बड़प्पन पाना चाहता है।
11. विक्रमशिला विश्वविद्यालय किस सदी तक एशिया का उत्कृष्ट शिक्षा केन्द्र बन चुका था? यह विद्यालय कहाँ अवस्थित है?
उत्तर – विक्रमशिला विश्वविद्यालय दसवीं-ग्यारहवीं सदी तक एशिया का उत्कृष्ट केन्द्र बन चुका था। यह विश्वविद्यालय आधुनिक भागलपुर के कहलगाँव थाना क्षेत्र, पोस्ट पथरघट्टा के एक अंतीचक में अवस्थित है।
12. ईदगाह कहानी के रचनाकार कौन हैं? यह कहानी किस पर टिप्पणी करती है?
उत्तर – ईदगाह कहानी के रचनाकार प्रेमचंद हैं। बाल मनोविज्ञान पर आधारित यह कहानी बचपन के परिस्थितियों पर मार्मिक ढंग से टिप्पणी करती है।
13. कर्मवीर किसे कहा जा सकता है?
उत्तर – जो विघ्न-बाधाओं को देखकर नहीं घबराते, भाग्य के भरोसे नहीं बैठते, कठिन काम से जी नहीं चुराते उन्हें कर्मवीर कहा जा सकता है। कहने का तात्पर्य है कि कर्मवीर कोरी-कल्पना नहीं करते बल्कि कठिन कार्य को हँसते हुए सरल बना देते हैं और जो ठान लेते हैं उसे पूरा कर देते हैं।
14. बालगोबिन कबीरदास को मानते थे, इसके क्या-क्या कारण हैं ?
उत्तर – बालगोबिन भगत साधु थे। कमर में एक लँगोटी मात्र पहनते और सिर में कबीरपंथियों की-सी कनपटी टोपी पहनते थे। बालगोबिन भगत कबीर की तरह गृहस्थ वैरागी थे। वे बाहरी क्रियाकलाप और सामाजिक आड़म्बर को नहीं मानते थे। वे बाहर से गृहस्थ और मन से संन्यासी थे।
15. ‘केवल बड़ाई पाकर कोई आदमी बड़ा नहीं होता’ इसके समर्थन में बिहारी ने क्या उदाहरण दिया है?
उत्तर – ‘केवल बड़ाई पाकर कोई आदमी बड़ा नहीं होता, इसके समर्थन में बिहारी ने धतूरे के पत्ते का उदाहरण दिया है। कवियों ने तो धतूरे की तुलना सोना से कर दिया है। परंतु धतूरे के पत्ते से गहने नहीं गढ़े जा सकते हैं।
16. हामिद मिठाई या खिलौने के बदले चिमटा पसंद करता है, क्यों?
उत्तर – हामिद चार-पाँच साल का नन्हा बालक है लेकिन अभावग्रस्त जीवन उसे परिपक्व बना दिया था। मेला में चिमटा देखकर ख्याल आता है कि उसकी दादी के पास चिमटा नहीं है, जिस कारण अक्सर उसके हाथ रोटी सेंकते वक्त जल जाते हैं। इसलिए हामिद अन्य बच्चों की तरह मिठाई या खिलौने न लेकर चिमटा खरीदता है।
17. कर्मवीर की क्या पहचान है?
उत्तर – सच्चा कर्मवीर साहसी और परिश्रमी होते हैं। वह विघ्न और बाधाओं से नहीं घबराता । कठिन से कठिन कार्य को भी वह हँसते-हँसते पूरा कर लेता है। बड़े-बड़े संकट भी उसे अपने काम से विचलित नहीं कर सकता। वह जिस काम को आरम्भ करता है उसे समाप्त करके ही दम लेता है। वह किसी कार्य को बीच में अधूरा नहीं छोड़ता। यही कर्मवीर की पहचान है।
18. सिरचन चिक, शीतलपाटी आदि लेकर स्टेशन पर मानू को देने क्यों जाता है?
उत्तर – मानू दीदी के ससुराल वालों ने विदाई में तीन जोड़ी फैशनेबल चिक, शीतलपाटी आदि लेकर आने को कहा था। लेखक की माँ ने सिरचन को बुलाकर इसे बनाने के लिए कहती है। काम करते समय मँझली भाभी की बात सिरचन को बुरा लग जाता है और वह काम छोड़ देता है। सिरचन एक सामाजिक और संवेदनशील कारीगर था। इसलिए वह मानू दीदी के विदाई के समय सारे सामानों को स्टेशन पर पहुँचा देता है।
19. कबीरदास के अनुसार ईश्वर का निवास कहाँ नहीं है तथा कहाँ है?
उत्तर – कबीरदास के अनुसार ईश्वर का निवास मंदिर, मस्जिद, काबा – काशी, क्रिया-कर्म अथवा योग-वैराग में नहीं है। वह सच्चे हृदय में निवास करता है। वह सच्चे मन से तलाश करने पर क्षणभर में मिलता है। ईश्वर बाहर नहीं भीतर है।
20. संजू कैसी लड़की थी? उसे किस चीज का शौक था ?
उत्तर – संजू, गुलाब की फूल-सी नन्हीं छोटी लड़की है। वह स्वभाव से हँसमुख है। उसे किताबें पढ़ने का शौक है।
21. मेला जाने से पहले हामिद दादी से क्या कहता है?
उत्तर – मेला जाने से पहले हामिद अपनी दादी को सांत्वना देता है। वह कहता है कि तुम डरना नहीं अम्मा, मैं सबसे पहले मेला से आ जाऊँगा।
22. बालगोबिन भगत कौन हैं?
उत्तर – बालगोबिन भगत मंझौले कद के गोरे चिट्ठे आदमी थे। वे गृहस्थ होते हुए भी सच्चा साधु थे। बालगोबिन भगत कबीर को ‘साहब’ मानते थे, उन्हीं के गीतों को गाते, उन्हीं के आदर्शों पर चलते थे। कभी नहीं झूठ बोलते खरा व्यवहार रखते थे। वे हर वर्ष तीस कोस पैदल यात्रा कर गंगा स्नान करने जाते थे। संत समाज में उनकी गहरी आस्था थी।
23. सिरचन के सौगात को किसने खोला, वह कैसा था?
उत्तर – सिरचन के सौगात को लेखक ने खोला। सिरचन का सौगात अद्भुत था। ऐसी कारीगरी ऐसी बारीकी रंगीन सुतलियों के फँदों का ऐसा काम जिसे लेखक ने पहली बार देखा था।
24. कलिंग के युद्ध के बाद अशोक में क्या परिवर्तन आया?
उत्तर – कलिंग के भीषण नरसंहार के बाद अशोक में बहुत बड़ा बदलाव आया। वह युद्ध के मैदान में खूनी तलवार फेंक देता है और युद्ध न करने का संकल्प लेता है। वह बौद्ध भिक्षुओं के शरण में जाता है और अहिंसा का मार्ग अपनाते हुए बौद्ध धर्म को स्वीकार करता है।
(v) विक्रमशिला के पाठ्यक्रम में क्या-क्या शामिल था ?
उत्तर – विक्रमशिला के पाठ्यक्रम में तंत्र विद्या के अतिरिक्त व्याकरण, न्याय, सृष्टि-विज्ञान, शब्द-विद्या, शिल्प-विद्या, चिकित्सा विद्या, सांख्य, वैशेषिक, अध्यात्म विद्या, विज्ञान, जादू एवं चमत्कार विद्या शामिल था।

| Some Important Link | |
| Bihar Board Class 10th All Subject Viral Paper | Click Here |
| Class 10th All Subject Answer Key | Click Here |
| WHATSAPP CHANNEL | JOIN NOW |
| TELEGRAM CHANNEL | JOIN NOW |
| YOUTUBE CHANNEL | SUBSCRIBE NOW |
| INSTAGRAM ID | FOLLOW ME |
DISCLAIMER:– दोस्तों हमारे द्वारा यह जानकारी इंटरनेट के माध्यम से पढ़कर आपको बताया गया हैं। अगर आपको पोस्ट में गलती नजर आती हैं। तो इसका जिम्मेदार हमारा पर्सनल वेबसाइट नहीं होगा।…………………धन्यवाद्